क्यों कि मासूमियत चेहरे से !! कहीं ज्यादा उसकी भोली आँखों !!

थम के रह जाती है जिंदगी !! जब जम के बरसती है पुरानी यादें !!

तमन्ना ना की हो उसने मैं इतना प्यार दू !! मासूम सी मोहब्बत पर अपनी जान वार दू !!

दिल से बहुत मासूम हूं मैं !! बस मेरे कारनामे ही ख़तरनाक हुआ करते है !!

ए खुदा सच्चे दिल से दरख्वास्त करता हूं तुझसे !! मासूम मुस्कान को उसकी जुदा ना करना चेहरे से !!

कोई समझाओ इन खूबसूरत हसीनाओं को !! मेरे यार के चेरे के आगे सुब फीकी है !!

उसकी सादगी और उसकी खूबसूरती की क्या दूँ मिसाल !! चेहरे पर मासूमियत और अदाएं उसकी है बड़ बेमिसाल !!

दुनिया में कोई भी इंसान !! सख़्त दिल पैदा नही होता !!

बस ये दुनिया वाले !! उसकी मासूमियत छीन लेते है !!

न आए तू जो मुझको नज़र !! तेरे दीदार के लिए मेरा दिल तरस जाता है !!