तुम जलन बरकरार रखना !! हम जलवे बरकरार रखेंगे !!

काटने की औकात न हो तो !! भोंका भी मत करो !!

मुझे क्या डराएगा मौत का मंजर हमने तो !! जन्म ही कातिलों की बस्ती में लिया है !!

तुम्हें लगता है कि गलत हूँ मैं !! तो सहीं हो तुम क्योंकि थोड़ा अलग हूँ मैं !!

आग लगा देंगे उस महफिल में !! जहां बगावत हमारे खिलाफ होगीं !!

भाड़ में जाए लोग और लोगो की बातें !! हम तो वैसे ही जिएंगे जैसे हम जीना चाहते है !!

बदमाशी छोड़ दी हमने दुश्मन जानते हैं !! अभी भी खौफ देख हमें बाप मानते हैं !!

हुक़ूमत दूसरों के दम पर तो कोई भी कर ले !! जो अपने दम पर छा जाये वो हम है !!

जिस चीज का तुम्हे खौफ है !! उस चीज का हमें शौक है !!

जब दुशमन पत्थर मारे तो उसका जवाब फूल से दो !! लेकिन वो फूल उसकी कब्र पर होना चाहिये !!